लखनऊ। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में संचालित जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रों पर शुगर, ब्लड प्रेशर और सांस संबंधी बीमारियों की दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को आधी-अधूरी दवाएं लेकर लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों और संस्थानों में जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर दवाओं की आपूर्ति का जिम्मा संभालने वाली कंपनी नियमित रूप से स्टॉक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। केंद्र प्रभारियों के मुताबिक, फिलहाल करीब 400 से 500 तरह की दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। सामान्य दवाओं की भी किल्लत बनी हुई है।

केंद्र प्रभारियों का कहना है कि दवाओं की मांग एक माह पहले भेजी गई थी, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हुई। इससे मरीजों को जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि केंद्रों पर दवाओं की कमी है। इस संबंध में पत्राचार किया जाएगा, ताकि मरीजों को अस्पतालों में सस्ती दरों पर दवाएं आसानी से मिल सकें।

इन जरूरी जेनेरिक दवाओं की है कमी

शुगर : विल्डाग्लिप्टिन एक्सटेंडेड रिलीज (50 एमजी) और लिनाग्लिप्टिन

ब्लड प्रेशर : टेलमीसार्टिन (40 एमजी) और एमलोडिपिन

एंटीबायोटिक : सेफ्पोडॉक्सिम प्रॉक्सिटिल

सांस और गैस : एसिब्रोफाईलीन कैप्सूल और पेंटाप्राजोल कॉम्बिनेशन

दर्द और लिवर : एसेक्लोफेनाक (दर्द निवारक) और उर्सोडियोक्सीकोलिक एसिड (लिवर के लिए)

यूरिन इन्फेक्शन : डाइसोडियम हाइड्रोजन साइट्रेट सिरप (यूटीआई)

मल्टी-विटामिन

प्रोटीन पाउडर



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *