Muzaffarnagar । हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश के स्कूलों में चलाए जा रहे स्कूल सेफ्टी ऑडिट अभियान के तहत मुजफ्फरनगर में अब तक 247 विद्यालयों की सुरक्षा जांच पूरी कर ली गई है। जिले में कुल 289 स्कूलों का ऑडिट किया जाना है। इनमें शेष 42 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में जांच की प्रक्रिया 28 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान में स्कूल भवनों की संरचनात्मक मजबूती से लेकर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था तक की पड़ताल की जा रही है।
नौ विशेष टीमें कर रही हैं निरीक्षण
मुजफ्फरनगर में स्कूल सेफ्टी ऑडिट अभियान की शुरुआत 8 सितंबर को हुई थी। पहले चरण में कंपोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों सहित 247 स्कूलों का ऑडिट पूरा हो चुका है। पूरे अभियान के तहत 289 विद्यालयों की जांच की जानी है। शेष 42 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में ऑडिट निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की देखरेख में संचालित इस अभियान को नौ विशेष टीमें अंजाम दे रही हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक गुलजार और जिला आईटी/एमआईएस शीजा खानम के नेतृत्व में निरीक्षण की प्रक्रिया को डिजिटल तकनीक से जोड़ा गया है।
जीपीएस, जियो-टैगिंग और फोटो-वीडियो से जुटाए जा रहे साक्ष्य
ऑडिट को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए मोबाइल ऐप आधारित निरीक्षण प्रणाली अपनाई गई है। टीमें जीपीएस, जियो-टैगिंग और फोटो-वीडियो के माध्यम से जांच से जुड़े साक्ष्य जुटा रही हैं। ऑनलाइन डैशबोर्ड की मदद से उच्चाधिकारी निरीक्षण की प्रगति पर वास्तविक समय में नजर रख रहे हैं। इससे स्कूलों में सुरक्षा से संबंधित कमियों की पहचान और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाया जा रहा है।
ऑडिट टीमों में क्षेत्रीय लेखा परीक्षक, संरचनात्मक अभियंता और अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं। ये विशेषज्ञ विद्यालय भवनों की मजबूती, परिसर में उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं और अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेज रहे हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अधिकारियों ने लिया जायजा
शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में चल रहे सेफ्टी ऑडिट के दौरान डीपीएम गुलजार और जिला आईटी/एमआईएस शीजा खानम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्रीय लेखा परीक्षक विनय शर्मा, संरचनात्मक अभियंता विशाल भारद्वाज और अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ जहीर हुसैन ने विद्यालय परिसर की सघन जांच की।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा से जुड़ी कमियों को चिह्नित करने के साथ स्कूल स्टाफ को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में विद्यालय कर्मचारियों को आवश्यक सावधानियों और सुरक्षा प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना तथा छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारी को मजबूत करना है।
ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तैयार होगी सुरक्षा रणनीति
स्कूल सेफ्टी ऑडिट के माध्यम से विद्यालयों में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं का व्यवस्थित आकलन किया जा रहा है। डिजिटल साक्ष्यों और विशेषज्ञों की जांच के आधार पर तैयार होने वाली रिपोर्ट से सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करने और आवश्यक सुधारों की योजना बनाने में मदद मिलेगी। जिले में शेष विद्यालयों का ऑडिट पूरा होने के बाद अभियान की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सुरक्षा रणनीति तैयार की जा सकेगी।
मुजफ्फरनगर में स्कूल सेफ्टी ऑडिट के तहत 289 विद्यालयों की जांच की जा रही है। अब तक 247 स्कूलों में ऑडिट पूरा हो चुका है, जबकि शेष 42 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में 28 अक्टूबर तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है।
