Muzaffarnagar आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज के सभागार में ज्ञान, ध्यान, सत्संग और भजन संध्या का भव्य आध्यात्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभागार का माहौल भक्ति, शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक अनुभूति से भर गया।
मधुर भजनों की स्वर-लहरियां, ध्यान की गहराई और जीवन को नई दिशा देने वाले ज्ञानवर्धक विचारों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। कुछ समय के लिए ऐसा लगा मानो रोजमर्रा की भागदौड़ से भरी जिंदगी थम गई हो और सभागार में मौजूद हर व्यक्ति ईश्वर की भक्ति, ध्यान और आत्मचिंतन में डूब गया हो।
कार्यक्रम में शिक्षकगण, अतिथिगण, श्रोता और परिवार के सदस्य उत्साह के साथ शामिल हुए। ज्ञान, ध्यान और भजन के सुंदर समन्वय ने पूरे आयोजन को एक विशेष आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।
भक्ति, ध्यान और ज्ञान से सजा पूरा कार्यक्रम
आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में केवल भजन संध्या ही नहीं, बल्कि ज्ञान, ध्यान और सत्संग को भी विशेष स्थान दिया गया। आयोजन का उद्देश्य लोगों को कुछ समय के लिए बाहरी व्यस्तताओं से अलग होकर अपने भीतर झांकने और मानसिक शांति का अनुभव करने का अवसर देना रहा।
भजनों की मधुर प्रस्तुतियों के बीच जब आध्यात्मिक विचारों और ध्यान का वातावरण बना तो सभागार में मौजूद लोगों ने शांति और सकारात्मकता का अनुभव किया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव की तरह रहा। ध्यान और भक्ति के साथ ज्ञान का समावेश आयोजन की विशेषता रहा।
आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षकों ने प्रस्तुत किए भजन और आध्यात्मिक कार्यक्रम
कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
श्रीमती सोनिया लूथरा, श्रीमती पुष्पा चौधरी, ललित शर्मा, धीरज बत्रा, श्रीमती टीना बत्रा, श्रीमती शालू जालोतरा, श्रीमती पूजा जालोतरा, रामानंद शर्मा, श्रीमती आरती सिंधी, श्रीमती वंदना मित्तल, भारत बत्रा एवं लकी ने अपनी मधुर वाणी, भजनों और आध्यात्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
भजन संध्या के दौरान सभागार में आध्यात्मिक माहौल लगातार बना रहा। उपस्थित लोगों ने प्रस्तुतियों का आनंद लिया और भक्ति संगीत के साथ कार्यक्रम से जुड़ते चले गए।
सोनिया लूथरा का ध्यान सत्र रहा विशेष आकर्षण
आयोजन के दौरान श्रीमती सोनिया लूथरा द्वारा कराया गया ध्यान सत्र विशेष रूप से सराहनीय रहा। ध्यान सत्र के दौरान उपस्थित लोगों ने कुछ समय के लिए स्वयं को बाहरी गतिविधियों से अलग कर मन को शांत करने का प्रयास किया।
ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतुलन का अनुभव कराने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों के लिए यह सत्र आध्यात्मिक आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
ध्यान की प्रक्रिया ने भजन और ज्ञान के बीच एक ऐसा संतुलन बनाया, जिससे पूरे कार्यक्रम का वातावरण और अधिक शांत एवं सकारात्मक हो गया।
शिक्षकों, अतिथियों और परिवारों ने उत्साह से लिया हिस्सा
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, सम्मानित अतिथिगण, श्रोतागण और परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
आयोजन में मौजूद लोगों ने भजन, ध्यान और ज्ञान की इस आध्यात्मिक यात्रा का आनंद लिया। बच्चों और परिवारों से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सामूहिक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान एक ओर जहां भजनों की प्रस्तुतियों ने लोगों को जोड़ा, वहीं ध्यान और ज्ञानवर्धक विचारों ने आध्यात्मिक चिंतन का अवसर दिया।
भजन संध्या में कलाकारों और अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भजन संध्या में सहभागिता करने वाले तथा अपनी मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाने वाले सभी अतिथियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया।
प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया, श्रीमती रीटा दहिया, आदित्य दहिया, श्रीमती रितु चौधरी, अशोक जालोतरा, संदीप मलिक एवं श्रीमती सीमा मठियान ने कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले अतिथियों और कलाकारों को सम्मानित किया।
सम्मान समारोह के दौरान कार्यक्रम में योगदान देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की गई।
प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया बोले—आज के समय में मन की शांति बेहद जरूरी
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवेन्द्र दहिया ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में मन की शांति और सकारात्मक सोच बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को जीवन की सही दिशा दिखाता है, जबकि ध्यान मन को स्थिरता प्रदान करता है। सत्संग और भक्ति के माध्यम से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय में इस प्रकार के आध्यात्मिक और संस्कारपरक कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में भी सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाता है।
उनके अनुसार, वर्तमान समय में जब लोग लगातार व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली का सामना कर रहे हैं, ऐसे कार्यक्रम मानसिक शांति और सकारात्मक सोच के लिए उपयोगी वातावरण उपलब्ध करा सकते हैं।
विद्यार्थियों के साथ समाज में भी सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की भूमिका को केवल शिक्षा तक सीमित न रखते हुए संस्कार और सकारात्मक सोच से भी जोड़ा गया।
प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों और सकारात्मक दृष्टिकोण से जोड़ना भी जरूरी है। ज्ञान, ध्यान और सत्संग जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में एक प्रयास हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में आयोजित होने वाले संस्कारपरक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ व्यापक सामाजिक वातावरण को भी सकारात्मक बनाने में योगदान दे सकते हैं।
आभार के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने आर्ट ऑफ लिविंग परिवार, सभी सम्मानित अतिथियों, शिक्षकगण, श्रोतागण और परिवार के सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों की सराहना की और कहा कि सामूहिक सहयोग के कारण ही इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन सफल हो पाते हैं।
होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम भक्ति, ध्यान, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा के वातावरण के साथ संपन्न हुआ। भजनों की मधुरता, ध्यान की शांति और सत्संग के विचारों ने आयोजन को यादगार बना दिया।
मुजफ्फरनगर में आर्ट ऑफ लिविंग के इस आयोजन ने भजन, ध्यान, ज्ञान और सत्संग को एक साथ जोड़ते हुए उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया। कार्यक्रम में शिक्षकों, अतिथियों और परिवारों की सहभागिता रही, जबकि समापन पर कलाकारों और अतिथियों को सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने ऐसे आयोजनों को आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और संस्कारों को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
