Muzaffarnagar । जनगणना 2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को त्रुटिरहित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में तहसील सदर के पर्यवेक्षकों और प्रगणकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। बुधवार को द्वितीय बैच के प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी गंभीर सिंह ने श्रीराम कॉलेज स्थित प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए प्रशिक्षुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम

तहसील सदर के पर्यवेक्षकों और प्रगणकों का प्रशिक्षण तीन अलग-अलग बैचों में आयोजित किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम बैच का प्रशिक्षण 26, 27 और 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया। द्वितीय बैच का प्रशिक्षण 4, 5 और 6 नवंबर 2026 को तथा तृतीय बैच का प्रशिक्षण 12, 13 और 14 नवंबर 2026 को निर्धारित है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना से जुड़े कर्मचारियों को कार्यप्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी देना है, ताकि वास्तविक गणना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

डीएम ने प्रगणकों से किया सीधा संवाद

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रशिक्षण में शामिल पर्यवेक्षकों और प्रगणकों से सीधे बातचीत की। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसे पूरी जिम्मेदारी, सजगता तथा गंभीरता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक को अपने दायित्वों को अच्छी तरह समझना होगा, क्योंकि उनके द्वारा एकत्र की गई जानकारी जनगणना की समग्र गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है।

जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण संवादात्मक और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि प्रतिभागी अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं को खुलकर सामने रख सकें। प्रशिक्षकों को चाहिए कि वे प्रत्येक विषय को स्पष्ट तरीके से समझाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रशिक्षण के बाद सभी कर्मचारी अपने कार्यों को सही ढंग से करने में सक्षम हों।

आंकड़ों की सटीकता और गोपनीयता पर विशेष जोर

डीएम ने जनगणना के दौरान एकत्र किए जाने वाले आंकड़ों की सटीकता और गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गणना के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना जरूरी है। प्रत्येक जानकारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए। साथ ही, जनगणना से संबंधित सूचनाओं की गोपनीयता का पूरी तरह ध्यान रखा जाए।

उन्होंने प्रशिक्षण स्थल पर आने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं को भी महत्वपूर्ण बताया। प्रशिक्षुओं के लिए शुद्ध पेयजल, जलपान और खान-पान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि प्रशिक्षण सुचारु रूप से संचालित हो सके।

मास्टर ट्रेनर्स को तकनीकी पहलू सरलता से समझाने के निर्देश

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी गंभीर सिंह ने प्रशिक्षण दे रहे मास्टर ट्रेनर्स को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं, प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों को सरल भाषा में समझाया जाए। प्रशिक्षण ऐसा होना चाहिए कि मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े।

उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने और प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय पर प्रतिभागियों को पर्याप्त जानकारी देने पर भी जोर दिया। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना के वास्तविक कार्य के दौरान आंकड़ों के संकलन और संबंधित प्रक्रियाओं में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रशिक्षु रहे मौजूद

निरीक्षण के अवसर पर तहसील सदर के संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स तथा बड़ी संख्या में पर्यवेक्षक और प्रगणक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि जनगणना 2027 का कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थित और सटीक तरीके से संपन्न कराया जा सके।

जनगणना 2027 की सफलता के लिए प्रशिक्षित प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन ने प्रशिक्षण में संवाद, तकनीकी जानकारी, आंकड़ों की सटीकता और गोपनीयता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।



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