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NHAI Rules: रात में हाईवे पर सफर करते समय कई लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि यहां पूरी सड़क के किनारे स्ट्रीट लाइट्स क्यों नहीं लगी होतीं। अक्सर लोग मान लेते हैं कि इतने बड़े और महत्वपूर्ण मार्गों को पूरी लंबाई में रोशन होना चाहिए। तो अब NHAI इसका जवाब देकर लोगों के मन का भ्रम दूर कर दिया है। जानिए एनएचएआई ने क्या कहा?

NHAI
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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NHAI Myth vs Fact: एनएचएआई के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों की पूरी लंबाई में लगातार लाइटिंग करना न तो अनिवार्य है और न ही व्यावहारिक। हाईवे पर लाइट लगाने का फैसला भारतीय सड़क कांग्रेस (Indian Roads Congress – IRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है। इन नियमों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है न कि हर किमी सड़क को रोशन करना। इसलिए केवल उन स्थानों पर लाइटिंग की व्यवस्था की जाती है जहां अतिरिक्त देख-रेख की जरूरत होती है।
किन जगहों पर लगाई जाती हैं हाईवे लाइट्स?
- NHAI के मुताबिक लाइटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में लगाया जाता है जहां दुर्घटना का जोखिम अधिक होता है या यातायात गतिविधियां ज्यादा होती हैं।
- इनमें टोल प्लाजा, इंटरचेंज और जंक्शन, फ्लाईओवर, अंडरपास, शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्र, बस बे, ट्रक ले-बाय क्षेत्र, दुर्घटना-प्रवण स्थान व भारी ट्रैफिक वाले हिस्से शामिल हैं।
- इन क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही अधिक जटिल होती है, इसलिए बेहतर दृश्यता सुरक्षा के लिए जरूरी मानी जाती है।
🚧 Know Your National Highways | #MythvsFact
Today’s myth addresses a common misconception that all National Highways should be illuminated across their entire length.
In reality, lighting on National Highways is provided based on safety requirements and technical guidelines… pic.twitter.com/uwKrOnpENs
— NHAI (@NHAI_Official) June 10, 2026
पूरे हाईवे को रोशन क्यों नहीं किया जाता?
- देशभर में हजारों किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग मौजूद हैं। अगर पूरे नेटवर्क पर लगातार लाइटिंग की व्यवस्था की जाए तो इसकी लागत बेहद अधिक हो सकती है।
- इसके अलावा इसमें बिजली की खपत कई गुना बढ़ जाएगी, रखरखाव का खर्च बढ़ेगा, पर्यावरणीय प्रभाव भी बढ़ सकता है और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होगा।
- इसी वजह से एनएचएआई जरूरत के अनुसार चुनिंदा स्थानों पर ही लाइटिंग उपलब्ध कराता है।
बिना लाइट वाले हिस्सों में सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होती है?
- आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्गों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि कम रोशनी वाले क्षेत्रों में भी ड्राइविंग सुरक्षित बनी रहे।
- इसके लिए कई तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जैसे रिफ्लेक्टिव साइनेज, हाई-विजिबिलिटी रोड मार्किंग, कैट्स-आई रिफ्लेक्टर्स, एडवांस रोड सेफ्टी फीचर्स और बेहतर लेन गाइडेंस सिस्टम जैसे तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
- ये सुविधाएं रात में वाहन चालकों को रास्ता समझने और सुरक्षित सफर करने में मदद करती हैं।
NHAI ने क्यों जारी किया स्पष्टीकरण?
- इस मिथ को लेकर एनएचएआई ने सोशल मीडिया पर Myth vs Fact अभियान के तहत इस विषय पर स्पष्टीकरण जारी किया। अथॉरिटी का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर जगह लाइट न होना कोई कमी नहीं, बल्कि एक याेजना और तकनीकी रूप से तय किया गया फैसला है।
- NHAI के अनुसार सुरक्षा आवश्यकताओं और तकनीकी दिशा निर्देशों के अनुसार महत्वपूर्ण क्षेत्रों को पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे सड़क सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग के बीच संतुलन बना रहता है।
