चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब कार्रवाई को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक मंथन जारी है। एसआईटी की जांच की आंच ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों तक पहुंची है। दूसरी तरफ आपराधिक कृत्य में गणनाकर्मी समेत करीब तीस लोगों की भूमिका सामने आई है। किस पर क्या और किस तरह की कार्रवाई की जानी है, अब इसको लेकर चर्चा जारी है। इसमें पीएमओ के निर्देशों का इंतजार है। जिस तरह के निर्देश वहां से मिलेंगे, उसी तरह का एक्शन होगा।

एसआईटी ने प्रारंभिक जांच रविवार शाम को पूरी कर ली थी। रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक मामले में ट्रस्ट के कई पदाधिकारी भी फंस रहे हैं। वहीं टिन्नू यादव समेत रकम पार करने वाले गणनाकर्मियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत मिले हैं। इसलिए मामले में एफआईआर भी दर्ज होनी है। साथ ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। मालूम हो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। इसलिए मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर कार्रवाई और पुनर्गठन में केंद्र सरकार की भूमिका रहेगी। यही वजह है कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चर्चा जारी है। सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिन के भीतर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

हाईकोर्ट में सुनवाई आज

मामले में दाखिल जनहित याचिका (पीआईएल) पर सोमवार (22 जून) को हाईकोर्ट में सुनवाई संभावित है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने की मांग की गई है। 

एक रिपोर्ट पीएमओ भेजी गई

जब से मामले ने तूल पकड़ा है, तब से पीएमओ की नजर इस पर बनी हुई है। यहां तक कि पीएमओ के कई अधिकारी खुद मंदिर पहुंचकर छानबीन कर चुके हैं।  इन अफसरों ने भी एक गोपनीय जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसे पीएमओ भेजा गया है। इसमें भी हेरफेर से लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की लापरवाही व कुछ की भूमिका संदिग्ध होने की बात कही गई है।

बयानों के सापेक्ष मिले सुबूत

एसआईटी और पीएमओ की टीम ने कई लोगों के बयान लिए। ये वो लोग थे जो ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। बयानों को टीमों ने अहम माना। जांच के दौरान उनके सापेक्ष कई सुबूत भी मिले। इसलिए मामला गंभीर हो गया है। अब जब विस्तृत जांच होगी तो हेरफेर की और परतें खुलेंगी।

टिन्नू समेत कई पर जल्द कसेगा शिकंजा

टिन्नू यादव की भूमिका पर सबसे अधिक सवाल उठे हैं। वह चंपत राय का ड्राइवर रहा है और वर्तमान में उसका हस्तक्षेप हर काम में था। सूत्रों के मुताबिक जिस एफआईआर की तैयारी चल रही है, उसमें टिन्नू प्रमुख आरोपी हो सकता है। उसके साथ गणनाकर्मी शामिल रहेंगे। वहीं अज्ञात में कई आरोपी बनाए जा सकते हैं। विवेचना में बड़े नाम जोड़े जाएंगे। विवेचना भी आईपीएस की निगरानी में गठित टीम से कराने पर विचार चल रहा है। जब ये सभी चीजें तय हो जाएंगी, उसके बाद तत्काल केस दर्ज होगा।

जिसने भी अपराध किया है उसे मिले कड़ी सजा ः विहिप

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे के गबन मामले की गहन जांच की मांग की है। संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जिसने भी अपराध किया है, उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। साथ ही, यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने से पहले सभी की छवि खराब करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। एजेंसी 

कहीं रिपोर्ट न हो जाए चोरी : अखिलेश 

एसआईटी ध्यान रखे कि कहीं उसकी जांच रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। फिर कहेंगे 15 दिन और इंतजार कर लो। दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं। लोगों का गुप्त दान गायब निकला।  

मैंने कुछ नहीं किया… मंदिर में ही हूं, काम कर रहा हूं : सोम

मामले में तमाम सवाल गोपाल राव के रिश्तेदार सोम शंकर पर उठे हैं। सोम ने रविवार को कहा कि ट्रस्ट ने उन्हें यात्री सेवा का काम सौंप रखा है और वह वही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं आज भी मंदिर में हूं, कहीं नहीं गया हूं। सोम शंकर का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। इसलिए किसी भी स्तर की जांच करवा ली जाए, उन्हें कोई डर नहीं है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में जब गोपाल राव विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री थे, तब वह जिला संगठन मंत्री थे। वह पिछले चार वर्षों से मंदिर में कार्य कर रहे हैं और इस दौरान चार-पांच बार ही घर गए हैं। उनका कहना है कि बोरे में भरकर कुछ ले जाने की जो बातें कही जा रही हैं, वे पूरी तरह गलत और झूठी हैं।

 



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