ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने संविदाकर्मियों को कार्य से हटाए जाने की शिकायतों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी संविदाकर्मी को बिना उचित कारण के नौकरी से न निकाला जाए। कहा, बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में संविदाकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

मंत्री मंगलवार को निर्बाध विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी विद्युत वितरण निगमों (डिस्कॉम) के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए अधिकारियों को जनहित सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। सभी प्रबंध निदेशकों (एमडी) से आंधी-तूफान से उत्पन्न हुई समस्याओं, नुकसान तथा उनके निस्तारण की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

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अधिशासी अभियंता के खिलाफ जांच के आदेश

जनप्रतिनिधियों की शिकायतों की समीक्षा में मंत्री ने सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता ज्ञान प्रकाश के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की शिकायतों की बिल्कुल भी उपेक्षा न की जाए।

टेंडर प्रक्रिया में भागीदारी एवं प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के निर्देश

ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने मंगलवार को निर्देश दिए कि ऊर्जा निगमों के टेंडर में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता को प्रभावी तरीके से लागू करें। प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि अधिक से अधिक लोगों को काम मिले। टेंडर की प्रक्रिया एक ही बार में सफल होनी चाहिए। बार-बार टेंडर न हो। उन्होंने मध्यांचल मुख्यालय पर तैनात सिविल के अधीक्षण अभियंता को टेंडर के विलंब पर कार्रवाई का निर्देश दिया।



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