मथुरा के सुरीर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला औहावा के समीप 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के टूटे तारों की चपेट में आने से एक किशोर सहित दो की मौत हो गई। इस घटना से दोनों गांवों में शोक की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, गांव नगला औहावा निवासी रामकिशन बघेल का 15 वर्षीय बेटा विवेक बृहस्पतिवार की सुबह अपने पिता के लिए चाय लेकर खेत पर जा रहा था। इसी दौरान, खेत में टूटे पड़े 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के तार पर उसका पैर पड़ गया। पैर पड़ते ही विवेक की चीख निकल गई। चीख सुनकर, पड़ोसी खेत पर चारा लेने गए गुलाब, निवासी बैकुंठपुर (उम्र करीब 20 वर्ष), किशोर को बचाने के लिए दौड़ा। दुर्भाग्यवश, किशोर को बचाने के प्रयास में गुलाब का पैर भी उसी विद्युत तार पर पड़ गया। दोनों युवक 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अरुण कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और विद्युत विभाग को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश
विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते हुई इस दुखद घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग द्वारा समय-समय पर तारों का निरीक्षण और रखरखाव नहीं किया जाता है, जिसके कारण इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने विद्युत विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना ने दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। 15 वर्षीय विवेक अपने पिता की इकलौती संतान था, जबकि गुलाब भी अपने घर का सहारा था। दोनों युवकों की आकस्मिक मृत्यु से उनके परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव नगला औहावा और बैकुंठपुर में मातम का माहौल है।
