ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली निजी एजेंसियों के भ्रष्टाचार व लूट की जांच करने के लिए परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। इसके अतिरिक्त एक सेल भी गठन किया गया है, जो एजेंसियों की शिकायतों को जुटाकर समिति को सौंपेगा।

सिल्वर टच, रोजमार्टा व फोकाम लिमिटेड को परिवहन विभाग ने डीएल बनाने, प्रिंट करने व डाक से डिलीवर करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इन एजेंसियों ने प्रदेशभर में 320 प्राइवेटकर्मियों को नियुक्त किया है। इन कर्मियों से एजेंसी प्रतिनिधियों ने नौकरी के नाम तीन से चार लाख रुपये वसूले हैं। साथ ही कर्मचारियों से उनकी सैलरी के पैसे भी एडवांस में लिए हैं। इतना ही नहीं, कार्यालयों में इस्तेमाल होने के लिए कंप्यूटर आदि उपकरण भी खरीदवाए गए। इन मामलों को अमर उजाला लखनऊ संस्करण में लगातार प्रकाशित किया गया।

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हाल ही में पीड़ित कर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार भी लगाई थी, जिस पर परिवहन आयुक्त ने एजेंसियों पर एफआईआर तक कराने की बात कही थी। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों व सीएम की नाराजगी को देखते हुए परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। समिति के अध्यक्ष राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव सगीर अहमद अंसारी को बनाया गया है। इसके अतिरिक्त अपर सचिव अजय कुमार व आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय को सदस्य बनाया गया है। पंद्रह दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।

शिकायतों की जांच के लिए सेल गठित

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने डीएल एजेंसियों की मनमानी की जांच के लिए एक सेल भी गठित किया है। अपर परिवहन आयुक्त, आईटी के अधीन इस सेल को गठित किया गया है। इसमें डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर डीबीए सर्वेश मिश्र व प्रधान सहायक आईटी सेल अभिषेक कुमार मिश्र को जिम्मेदारियां साैंपी गई हैं। उक्त तीनों एजेंसियों की शिकायतों की जांच आईटी सेल करेगा।



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