उत्तर प्रदेश में बैंकों से दिए जाने वाले लोन (क्रेडिट) और जमा (डिपॉजिट) की स्थिति में भारी क्षेत्रीय असमानता सामने आई है। बैंकों द्वारा शासन को भेजी गई एक साल की रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर, बरेली, अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, प्रयागराज, मेरठ और झांसी ने सर्वाधिक लोन लिया है। वहीं, अंबेडकरनगर, अमेठी, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बांदा, अमरोहा, औरैया, बागपत, बस्ती और भदोही ने भी अच्छी वृद्धि हासिल की है। यहां लोन लेने वालों में किसानों, स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमियों की संख्या तेजी से बढ़ी है।


पिछले एक वित्त वर्ष मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच 1,52,489 करोड़ रुपये का लोन लेकर लखनऊ पूरे प्रदेश में सबसे बड़ा क्रेडिट हब बनी है। दूसरे नंबर पर कानपुर नगर 65,033 करोड़ करोड़ रुपये, तीसरे पर आगरा 49,999 करोड़, चौथे स्थान पर मेरठ 36,340 करोड़ और पांचवें पर प्रयागराज 33,305 करोड़ रुपये के साथ है। 

इसके बाद बरेली में 28,802 करोड़, मुरादाबाद में 22,714 करोड़, अलीगढ़ में 20,415 करोड़, मथुरा में 20,505 करोड़ और बिजनौर में 13,927 करोड़ रुपये लोन लिया गया है। इन दस बड़े जिलों में पिछले एक वर्ष में करीब 47 हजार करोड़ रुपये का लोन ज्यादा लिया है। इसकी वजह औद्योगिक, व्यापारिक, पर्यटन गतिविधियों और आय में वृद्धि है।

 



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