पोस्टमार्टम हाउस में जब पिता राजेश ने बेटी का शव दिखाने को कहा कि वह सिर और धड़ अलग-अलग देख वह चीख पड़े। वहीं, देवखरी चौकी प्रभारी तफूज अहमद की तहरीर पर चालक मोहित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डीएम घनश्याम मीणा और एसपी जयप्रकाश सिंह, कोतवाल अखिलेशचंद्र पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
कार का शीशा तोड़कर चार को निकाला गया, देरी ने ली जान
एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में टक्कर मारने के बाद कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने कार के अंदर फंसे लोगों को कार के पीछे का शीशा तोड़कर जैसे-तैसे बाहर निकलवाया। लेकिन तब तक काफी समय हो चुका था, तभी उसी में फंसे पांच लोगों ने दम तोड़ दिया।
सीएचसी में प्रभारी रहे नदारद
घायलों को देखने एसडीएम बृजमोहन शुक्ला सुबह करीब आठ बजे सीएचसी पहुंचे तो वहां सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश सिंह नदारद मिले। मौके पर मिले फार्मासिस्ट प्रेमकुमार से स्टॉफ की जानकारी ली। पता चला कि डॉक्टर और प्रभारी रात में रुकते ही नहीं, अपने घर चले जाते हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और आपातकालीन स्थिति के लिए स्टॉफ को तैयार रखने के निर्देश दिए। बाद में 8:30 बजे सीएचसी प्रभारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए।
बस यात्रियों को गश्ती वाहन से ले गई यूपीडा टीम
बस के यात्रियों में ऐसे परिवार थे जो ईट-भट्ठा व अन्य काम करने वाले कामगार हैं। हरियाणा में काम कर रहे थे और मानसून के कारण भट्ठे बंद होने पर करीब छह महीने बाद घर लौट रहे थे। हादसे में बस में सवार हुए करीब 45 यात्रियों को हल्की चोटें होने पर यूपीडा की रेस्क्यू टीम ने एंबुलेंस में ही मरहम-पट्टी की। इसके बाद उन्हों टोल प्लाजा से दूसरे वाहन में बैठाने के लिए गश्ती वाहन से पहुंचाया।




