आगरा के शमसाबाद क्षेत्र के नगला बीच स्थित प्राथमिक विद्यालय में यूएनएम फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को आयोजित शिविर में बच्चों को मई में एक्सपायर हुई दवाएं बांट दी गईं। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों ने स्कूल में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने दवा बांटने वाली यूएनएम फाउंडेशन टीम के सदस्यों को हिरासत में लेकर ड्रग विभाग को मामले की जानकारी दी है।
मंगलवार को स्कूल में बच्चों के पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल/जॉइंट) के वितरण के लिए शिविर लगाया गया था। गांव के सौरभ और पंकज के परिजन भी अपने बच्चों के लिए स्कूल से दवा लेकर घर आए थे। सौरभ की गांव में ही परचून की दुकान है। सौरभ ने बताया दुकान बंद कर वह खाना खाने के लिए घर पहुंचे, तो परिजन ने उन्हें दवा दिखाई। दवा की शीशी पर छपी तारीखें देखीं, तो मैन्युफैक्चरिंग डेट जून 2024 और एक्सपायरी डेट मई 2026 दर्ज थी, जो समाप्त हो चुकी है।
सौरभ ने इसकी जानकारी पूरे गांव को दी। देखते ही देखते ग्रामीण अपनी-अपनी दवाइयों की शीशियां लेकर स्कूल की तरफ दौड़े। हालांकि, तब तक टीम के सदस्य दवा वितरण कर वहां से जा चुके थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने फोन कर टीम को दोबारा गांव में बुलाया और एक्सपायरी दवा बांटने पर खरीखोटी सुनाई। जब टीम के सदस्य कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए, तो ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस ने टीम को लिया हिरासत में, औषधि विभाग ने लिए नमूने
हंगामे की सूचना मिलते ही शमसाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पुलिस ने यूएनएम फाउंडेशन की टीम के सदस्यों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले आई। ग्रामीणों ने बताया कि यह टीम एक दिन पहले भी गांव में आई थी और बच्चों के नाम नोट कर उन्हें दवा लेने के लिए पर्ची दे गई थी। औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार ने बताया कि थानाध्यक्ष की सूचना पर उन्होंने आकर दवा के नमूने लिए हैं। बाकी दवाएं सील करके ले जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
