जिस नरेश की दो साल पहले मृत्यु हो चुकी है, उससे कस्बे की शांति को खतरा बताते हुए दरोगा ने शांतिभंग में पाबंद कर दिया। विवाद में दोनों पक्षों के चार-चार लोगों को पाबंद करते हुए रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट में भेज दी। सोमवार को कोर्ट में नरेश हाजिर हों की आवाज लगी तो उसकी पत्नी और भाई ने बताया कि वह पेश नहीं हो पाएंगे क्योंकि उनकी दो साल पूर्व मृत्यु हो चुकी है।
कोर्ट ने इस मामले में थाने से आख्या मांगी है। पाकबड़ा की नई बस्ती कैलसा रोड निवासी निवासी दिनेश और सदन के परिवार के बीच विवाद चल रहा था। पाकबड़ा थाने के दरोगा विनीत कुमार ने दोनों पक्षों के चार-चार लोगों को शांतिभंग में पाबंद कराने के लिए एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट भेजी थी।
दरोगा ने लिखा कि 28 मार्च 2026 को मौके पर जाकर जांच की और सभी के बयान दर्ज किए। जिससे पता चला कि दोनों पक्षों में आए दिन विवाद रहता है। जिससे दोनों पक्षों से शांति को खतरा बना हुआ है। दरोगा ने दिनेश, उसकी पत्नी पूनम, भाई नरेश और नरेश की पत्नी रज्जो को शांति भंग में पाबंद किया।
जबकि दूसरे पक्ष के सदन, उसकी पत्नी मंजू, बेटी जाह्नवी, सोनू की पत्नी साक्षी को पाबंद किया। हैरानी की बात यह है कि दरोगा की इस रिपोर्ट पर थाना प्रभारी ने संस्तुति की रिपोर्ट लगा दी और कोर्ट भेज दिया था। सोमवार को इस मामले में कोर्ट में तारीख थी।
दिनेश और उसकी पत्नी, भाई नरेश की पत्नी पेश हुए। तब पता चला कि दरोगा ने नरेश के खिलाफ भी शांति भंग की रिपोर्ट बनाकर भेजी थी। दिनेश ने बताया कि उनके भाई नरेश की मृत्यु दो साल पहले बीमारी के चलते हो चुकी है।
कोर्ट ने इस मामले में थाना पुलिस ने आख्या मांगी है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कराकर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
