राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में घिरे चंपत राय और अनिल मिश्रा ने भले ही इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन मंदिर प्रबंधन में उनका पूरा दखल अभी भी है। निर्माण सहायक गोपाल राव का कद भी बरकरार है। इसे लेकर इस्तीफे पर सवाल उठ रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि मामला शांत करने के लिए इस्तीफा सिर्फ एक दिखावा है। यही वजह है कि 11 जुलाई को होने वाली न्यास की बैठक में इस्तीफे पर विचार करने की बात कही गई है।

 

मामले में लंबी फजीहत के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दिया था। सूत्रों के मुताबिक, कागजी प्रक्रिया तो कर दी गई, लेकिन हकीकत में चंपत और अनिल मिश्रा मंदिर प्रबंधन के हर कार्य में उसी तरह हस्तक्षेप कर रहे हैं, जितना पहले कर रहे थे। मंदिर के निर्माण सहायक गोपाल राव के भी कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने इस्तीफा भी नहीं दिया है।  विहिप, संघ और केंद्र सरकार के काफी दबाव के बाद चंपत राय और अनिल ने इस्तीफा दिया था। लेकिन जिस तरह उनके कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वह वहीं रह रहे हैं, उससे लोग रणनीति के तहत इस्तीफा दिए जाने की बात कर रहे हैं।

गोपाल राव की फोटो वायरल : 

सोमवार को एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें गोपाल राव मंदिर के गर्भगृह के पास खड़े नजर आ रहे हैं। इस पर लोग सवाल उठा रहे हैं। हालांकि अमर उजाला इस वायरल फोटो की पुष्टि नहीं करता।

 



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