वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शी कर व्यवस्था, निवेश अनुकूल वातावरण और प्रभावी प्रशासनिक मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल में प्रमुख राजस्व मदों में 20621.24 करोड़ रुपये मिले। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष के अप्रैल में 18204.82 करोड़ रुपये आए थे। इस प्रकार 2416.42 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिला। इसमें सबसे तेज वृद्धि आबकारी विभाग की रही, जिसने लक्ष्य के मुकाबले 101 फीसदी से भी ज्यादा राजस्व अर्जित किया।
उन्होंने बताया कि राज्य कर के रूप में अप्रैल में 10892.18 करोड़ मिले, जो गत वर्ष अप्रैल की तुलना में 954.14 करोड़ रुपये अधिक है। आबकारी राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आबकारी विभाग से 5251.02 करोड़ प्राप्त हुए, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 4319.46 करोड़ प्राप्त हुए थे। यह लगभग 931.56 करोड़ रूपये की वृद्धि को दर्शाता है जो लक्ष्य से भी ज्यादा है।
इसी प्रकार स्टाम्प एवं निबंधन विभाग ने 2870.75 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा किए। जबकि पिछले अप्रैल में यह 2729.43 करोड़ थे। परिवहन विभाग के अंतर्गत 1317.02 करोड़ मिले, जबकि गत अप्रैल में 1043.15 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। भू-तत्व एवं खनिकर्म के अंतर्गत अप्रैल में 290.27 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। जबकि पिछले अप्रैल में 174.74 करोड़ मिले थे।
सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व संग्रह के लिए तकनीकी सुधार, डिजिटल ट्रैकिंग, ई-गवर्नेंस आधारित मॉनिटरिंग एवं पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश का कुल वार्षिक कर राजस्व लक्ष्य 3,34,491 करोड़ रूपये निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अप्रैल माह तक 21,377.75 करोड़ रूपये की प्राप्ति हो चुकी है।
