उत्तर प्रदेश में 32,679 सिपाही नागरिक पुलिस व समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए 8 से 10 जून तक लिखित परीक्षा होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण ने यह परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी मंडलायुक्तों, डीएम तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। सभी अधिकारी गंभीरता से अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता के लिए पूरी सावधानी बरती जाए। सभी स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रहें। भर्ती बोर्ड लाइव फीड के माध्यम से सतत निगरानी करे। नोडल अधिकारी (प्रशासन) की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि निर्धारित सीरीज की गोपनीय सामग्री ही परीक्षा केंद्रों को उपलब्ध कराए। केंद्रों पर तैनात सभी कर्मियों का सत्यापन करें।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर निजी व्यक्तियों की नियुक्ति न हो। केंद्र व्यवस्थापक सहित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बोर्ड द्वारा जारी पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। राज्य व जिला स्तर के कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाए। वहीं, डीजीपी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की सफलता सतर्कता व अनुशासन पर निर्भर करती है। अधिकारी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन कराएं। भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने कहा कि प्रदेश भर में कुल 1,183 केंद्रों पर लिखित परीक्षा कराई जाएगी।
हाई अलर्ट पर पुलिस व सभी सुरक्षा एजेंसियां
दरअसल बीते दिनों नीट और सीयूईटी में सामने आईं गड़बड़ियों के बाद तमाम पेपर लीक गिरोह द्वारा सिपाही भर्ती परीक्षा को निशाना बनाने की आशंका है। इस वजह से एसटीएफ समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों और जिलों की पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने और संदिग्धों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
