आगरा के किसी भी प्रमुख रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलती है। आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, ईदगाह और राजामंडी जैसे स्टेशनों पर मेडिकल बूथ या प्राथमिक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अचानक तबीयत बिगड़ने पर यात्री को अस्पताल पहुंचाने में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।

ए-वन ग्रेड का दर्जा प्राप्त आगरा कैंट स्टेशन पर भी यह सुविधा नदारद है। रेलवे यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं होने का दावा करता है। पिछले महीने आगरा कैंट पर एक पर्यटक बेहोश होकर गिर गया था। उसके साथियों ने बड़ी मुश्किल से पानी डालकर उसे होश में लाया था। हाल ही में ईदगाह स्टेशन पर अवध एक्सप्रेस में एक यात्री की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद यह व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में आ गई। यात्री के बेटे ने रेलवे के सहायता नंबर पर तत्काल डॉक्टर की मांग की थी। हालांकि, समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी थी।

आगरा कैंट स्टेशन पर रोजाना करीब 48 हजार यात्री आते-जाते हैं। आगरा फोर्ट से 13 हजार यात्री सफर करते हैं। ईदगाह जंक्शन से 1650 और राजामंडी स्टेशन से 4700 यात्री यात्रा करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के बावजूद किसी भी स्टेशन पर मेडिकल बूथ नहीं है। गत वर्ष रेलवे ने एक निजी अस्पताल से करार किया था। इसके तहत स्टेशन परिसर में जगह उपलब्ध कराई गई थी, जहां डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी तैनात होने थे। करार में यह भी शर्त थी कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ट्रेन तक पहुंचकर प्राथमिक उपचार देंगे।

प्राथमिक उपचार, जरूरी दवाएं, स्ट्रेचर और एंबुलेंस जैसी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी थीं। हालांकि, यह प्रस्ताव फाइलों में ही कैद रह गया और रेलवे ने इसे धरातल पर लाने के लिए कोई पहल नहीं की है। इस बारे में आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गाैतम ने बताया कि स्टेशन पर मेडिकल बूथ की सुविधा तो नहीं हैं, लेकिन फर्स्ट एड की व्यवस्था करने के निर्देश प्रत्येक एसएम को दिए गए हैं। इसके अलावा रेलवे का हाॅस्पिटल भी है। जरुरत होने पर वहां से डाॅक्टर बुला लिया जाता है।



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