आगरा। जिले की प्रशासनिक अव्यवस्था और जनसमस्याओं के खिलाफ सोमवार को महानगर व जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सुभाष पार्क से जिलाधिकारी मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

यह प्रदर्शन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, महानगर अध्यक्ष अमित सिंह और जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार के नेतृत्व में हुआ। कांग्रेस ने आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए), नगर निगम, जल निगम और नहर विभाग के उपेक्षापूर्ण रवैये पर कड़ा आक्रोश जताया। नेताओं ने किसानों की फसलों पर बुलडोजर चलाने और दलित परिवारों को बेघर करने जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया। इसके साथ ही जल संकट, बदहाल सड़कें और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी उठाई गईं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो सड़कों पर उग्र जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा।

राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने पट्टी पचगाई खेड़ा में किसानों की फसलों पर एडीए के बुलडोजर चलाने को तानाशाही करार दिया। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई। महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने खंदारी बापू नगर में 70 वर्षों से रह रहे दलित परिवारों को नहर विभाग के बेघर करने के आदेश को अमानवीय बताया। उन्होंने इस आदेश को तुरंत रद्द करने की चेतावनी दी।

अमित सिंह ने कलेक्ट्रेट व क्षेत्रीय विधायक के आवास के पास के इलाकों में जल संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने धाकरान और सुभाष कॉलोनी में बदहाल सड़कों और ट्रैफिक जाम की समस्या भी बताई। इसके अलावा, धनौली में खुले नाले में गिरकर 17 वर्षीय बालक की मौत को प्रशासनिक हत्या बताया गया। कांग्रेस ने दोषी अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। इस प्रदर्शन में पूर्व पार्षद अनुज शर्मा, दीपक शर्मा, सतेंद्र दुबे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



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