आगरा। बढ़ता प्रदूषण लोगों को बीमार बना रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी में नाक, गले और आंखों की एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्थमा अटैक और सांस-टीबी रोग के मरीज आ रहे हैं। हालत खराब होने पर इन्हें भर्ती कर ऑक्सीजन देना पड़ रहा है।
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि हवा में धूल-धुआं अधिक होने से फेफड़ों में संक्रमण हो रहा है। इससे सीने में जकड़न, दर्द, तेज खांसी, बलगम की शिकायत अधिक हो गई है। अस्थमा और सांस के मरीजों की हालत ज्यादा खराब है। अस्थमा अटैक और सांस व टीबी के मरीजों की परेशानी बढ़ी मिल रही है। रोजाना 8 से 10 मरीज गंभीर हालत में भर्ती हो रहे हैं।
एसएन की नाक, कान और गला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रीतू गुप्ता ने बताया कि धूल-धुआं के कण नाक व गले में पहुंचकर संक्रमण कर रहे हैं। इससे बार-बार छींक आना, जुकाम होना, नाक में खुजली-जलन की परेशानी हो रही है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेत्र रोग विभाग के डॉ. तिरुपति नाथ ने बताया कि आंखों में धूल के कण पहुंच रहे हैं। इससे एलर्जी हो रही है। लाल होना, खुजली और जलन की शिकायत भी मिल रही है। आंखों को रगड़ने पर कॉर्निया में जख्म हो रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है।
इन बातों का रखें ध्यान
– बेवजह घर से बाहर जाने से बचें। धूल-धुआं से बचें।
– एक बार में ही बाजार से खरीदारी कर लाएं।
– चश्मा लगाकर घर से निकलें, मास्क लगाएं।
– आंख में धूल जाने पर साफ पानी से धोएं, उसे रगड़े नहीं।
– सीने में जकड़न पर सुबह-शाम भाप लें, दवाएं एडजस्ट कराएं।

