लखनऊ। धनतेरस पर आरटीओ में शुक्रवार को 782 वाहनों का पंजीकरण हुआ। इससे विभाग को 2.97 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स मिला। खास बात यह है कि बाइकों से ज्यादा कारें पंजीकृत हुईं। 503 कारें व कैब का रजिस्ट्रेशन हुआ। पंजीकृत वाहनों में दोपहिया वाहनों की संख्या 201 रही।

उधर, बिके वाहनों की बात की जाए तो इनकी संख्या आरटीओ में पंजीकृत वाहनों से कई गुना अधिक रही। एसयूवी सहित लग्जरी कारों की भी काफी बिक्री हुई। धनतेरस पर खरीदे वाहनों का पंजीकरण करने के लिए आरटीओ में देर रात तक कर्मचारी डटे रहे। उधर, वाहन स्वामी भी वाहनों का जल्द पंजीकरण कराने के लिए डीलरों से गुहार लगाते नजर आए। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि देर शाम तक कार्यालय में कामकाज हुआ। पंजीकृत वाहनों में से 480 पेट्रोल, 135 इलेक्ट्रिक, 80 पेट्रोल-सीएनजी हाइब्रिड, 53 डीजल, 27 पेट्रोल हाईब्रिड और छह सीएनजी थे।

1.43 करोड़ की बीएमडब्ल्यू बिकी

परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया कि धनतेरस पर सबसे महंगी 1.43 करोड़ रुपये की बीएमडब्ल्यू बिकी। हालांकि, रात तक इसका टैक्स आरटीओ में जमा नहीं हुआ था। इस वजह से इसकी पूरी जानकारी आरटीओ को नहीं मिल सकी। उधर, धनतेरस पर इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भी क्रेज दिखा। हालांकि, सभी ईवी वाहनों की मांग पूरी न होने से ग्राहक निराश नजर आए। इससे पहले नवरात्र पर भी वाहनों की खूब खरीद हुई थी। लखनऊ आरटीओ में 11 से 20 अक्तूबर तक 12,238 गाड़ियों के नए पंजीकरण हुए थे।



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