जाफरगंज। थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी जब्बार खान उर्फ सुल्ली सेठ (75) को रविवार सुबह आठ बजे मदीना मुनव्वरा में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। पिता को आखिरी बार देखने की इच्छा रखने वाला बड़ा बेटा परवेज चाहकर भी उनके अंतिम दर्शन नहीं कर सका।
सऊदी अरब और यमन के बीच चल रहे युद्ध के चलते लखनऊ से जेद्दा जाने वाली उड़ानें रद्द चल रही हैं। ऐसे में पिता को अंतिम विदाई देने की उसकी तमन्ना अधूरी रह गई।
जब्बार खान 26 सितंबर को मक्का-मदीना की यात्रा पर गए थे। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार सुबह आठ बजे मदीना मुनव्वरा में उनके साथ मौजूद बड़े बेटे के साले शाकिब जमाल ने उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया।
इधर गांव में उनके छोटे भाई और वर्तमान ग्राम प्रधान सत्तार हुसैन उर्फ पप्पू को सांत्वना देने के लिए रिश्तेदारों और लोगों का पहुंचना जारी रहा। विदेश में पिता का इंतकाल और बड़े बेटे का अंतिम संस्कार में शामिल न हो पाना परिवार के लिए गहरा दुख छोड़ गया।

