इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि नाम की वर्तनी में गलती के आधार पर जमानत पाए व्यक्ति की रिहाई में देरी नहीं की जा सकती। यह स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि नाम की वर्तनी में गलती के आधार पर जमानत पाए व्यक्ति की रिहाई में देरी नहीं की जा सकती। यह स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।
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