शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित 563 बच्चों में से 267 को अब तक प्रवेश नहीं दिए जाने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। बीएसए जितेंद्र सिंह गौड़ ने 25 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही पूरे प्रकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
बीएसए ने बताया कि आरटीई के तहत प्रत्येक निजी विद्यालय को अपनी निर्धारित सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा चयनित बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है। इसके बावजूद कई विद्यालय प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। एसडीएम पब्लिक स्कूल ने चयनित 40 बच्चों में से 27 को प्रवेश नहीं दिया। इसके अलावा सरस्वती ज्ञान स्थली जूनियर हाईस्कूल ने 27 में से 20, मास्कॉट मॉडर्न स्कूल ने 22 में से 19, ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल ने 50 में से 15 और आइडियल कॉन्वेंट स्कूल ने 25 में से 14 बच्चों को दाखिला नहीं दिया।
इसी प्रकार हिबिस्कस मॉन्टेसरी स्कूल में 13, मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 12, रितुराज एकेडमी में 12, जेजे पब्लिक स्कूल में 12 तथा नेशनल एकेडमी में चयनित 11 बच्चों को प्रवेश नहीं मिला। वीरांगना झलकारी इंटर कॉलेज और जय वैष्णो मां मॉडर्न स्कूल, बबीना में 10-10, गुड शेफर्ड स्कूल में नौ, चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में नौ, बीएल एकेडमी मऊरानीपुर में नौ, स्वामी विवेकानंद कॉलेज एचएसएस में नौ तथा छावनी परिषद विद्यालय, बबीना कैंट में चयनित सभी नौ बच्चों को प्रवेश नहीं दिया गया।
बीएसए ने नोटिस देकर मांगा जवाब
इसके अलावा श्री गणेश शंकर विद्यार्थी स्कूल में आठ, सनराइज पब्लिक स्कूल मोंठ में आठ, डॉ. राम मनोहर लोहिया पब्लिक स्कूल में आठ, लिटिल एंजिल स्कूल में चयनित आठ, गुड शेफर्ड पब्लिक स्कूल में सात, लिटिल फ्लावर इंग्लिश स्कूल हंसारी में सात, बहुजन नायक कांशीराम स्कूल में सात तथा सरावगी सावित्री देवी मेमोरियल किड्स टाउन पब्लिक स्कूल में चयनित सात बच्चों को प्रवेश नहीं मिला। बीएसए ने बताया कि सभी संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
