मोबाइल पर बात करने से पति के मना करने पर पत्नी ने जहर निगल लिया। अचेत हाल में परिजनों ने उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मोबाइल पर बात करने को लेकर उनके बीच कई बार विवाद हो चुका। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की आगे भी जांच कर रही है।
आठ साल पहले हुई थी शादी
टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) के बड़ागांव थाना के अंतोरा गांव निवासी अंजू चरार (25) की शादी करीब 8 साल पहले अंतोरा निवासी अनिल से हुई थी। दंपती को दो बेटे हैं। अनिल प्राइवेट काम करता है। अनिल ने पुलिस को बताया कि करीब 6 माह से अंजू के व्यवहार बदल गया। वह उससे दूरी बनाने लगी। 15 दिन पहले उसने अंजू को गांव के एक व्यक्ति से फोन पर बात करते हुए पकड़ा था। अंजू ने बताया कि यह फोन भी उस व्यक्ति ने उसे बात करने के लिए दिया था। यह पता चलने पर अंजू के पिता ने भी उसे समझाया। अंजू ने आगे संपर्क न करने का भरोसा भी दिलाया लेकिन, कुछ दिन बाद चोरी-छिपे फिर फोन पर बात करने लगी थी।
मना करने के बाद भी चोरी-छिपे होती थी बात
सोमवार शाम करीब पांच बजे उसके घर पहुंचने पर अंजू मोबाइल पर बात कर रही थी। उसके पूछताछ करने पर अंजू ने मोबाइल फोन न होने की बात कही। तलाश करने पर अंजू के कपड़ों से मोबाइल फोन मिला। इस बात पर उनके बीच विवाद हुआ। अनिल का कहना है कि अंजू के पिता को यह बात बताकर वह बाहर चला गया। शाम करीब छह बजे अंजू के जहर निगलने की बात पता चली। वह भी तुरंत घर पहुंचा। अचेत हाल में परिजन उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने भी उसके जहर निगलने की पुष्टि की। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि आपसी विवाद के बाद जहर निगलने से विवाहिता की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मप्र पुलिस को भेज दी जाएगी। आगे की कार्रवाई वहां से होगी।
पत्नी की दूसरी शादी करा देने को राजी था पति
पत्नी की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे अनिल की आंखें भी आंसुओं से भरी थीं। परिवार में दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अब दोनों से मां का साया भी छीन गया। अनिल का कहना है कि बच्चे बहुत छोटे हैं। काम करने के लिए वह बाहर रहता है। पहली बार पत्नी के युवक के बात करते हुए पकड़े जाने के बाद उसने तय कर लिया था कि पत्नी के न मानने पर वह उस युवक से शादी करा देगा। उसका कहना है कि युवक पहले से शादीशुदा है। अंजू का गुमराह करके उसके परिवार के तोड़ दिया। उसने पत्नी को समझाने के साथ यह भी कहा था कि यदि वह उसके साथ नहीं रहना चाहती तो अपनी इच्छा से निर्णय ले सकती है। इसके बावजूद अंजू ने आत्मघाती रास्ता चुना।
