मलिहाबाद। कसमंडी कलां गांव में सोमवार देर शाम कहासुनी के बाद नशे में धुत चालक फरजान पर सड़क किनारे चारपाई पर बैठे लोगों पर डाला चढ़ाने का आरोप है। घटना में श्रमिक श्यामलाल (55) की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए। पुलिस ने फरजान समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। फरजान को हिरासत में लेकर डाला बरामद कर लिया गया है। घटना से नाराज परिजनों ने मंगलवार शाम श्रमिक का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन भी किया।

श्यामलाल के बेटे मुकेश के मुताबिक, शाम करीब 7:30 बजे फरजान नशे की हालत में गाली-गलौज कर रहा था। उस वक्त पिता घर के बाहर चारपाई पर लेटे हुए थे। उनके साथ गांव की रूमन (35), उनकी बेटी पीहू (3), अभिनव (8), मिष्ठी (5) और माया देवी (65) भी बैठी थीं। ग्रामीणों ने ने डांटकर उसे भगा दिया। आरोप है कि करीब आधे घंटे बाद वह तेज रफ्तार डाला लेकर लौटा और चारपाई में टक्कर मार दी।

मुकेश का आरोप है कि टक्कर के बाद श्यामलाल जमीन पर गिर गए और फरजान ने उन पर दोबारा वाहन चढ़ा दिया। हादसे में सभी छह लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शी आरोपी को पकड़ने के लिए शोर मचाते हुए उसके पीछे दौड़े लेकिन वह भाग निकला। ग्रामीणों ने सभी घायलों को सीएचसी पहुंचाया। वहां से श्यामलाल को बलरामपुर अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रूमन का पैर टूट गया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

डाला मालिक पर धमकाने और चाचा पर साजिश का आरोप

मुकेश ने बताया कि पिता की मौत के बाद वह शिकायत करने थाने जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में डाला मालिक कसमंडी निवासी अकील ने उन्हें रोककर परिवार को जान से मारने की धमकी दी। यह भी आरोप है कि घटना की साजिश में फरजान के चाचा डॉ. शकील की भूमिका है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि आरोपी चालक फरजान, अकील अहमद और डॉ. शकील के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, षड्यंत्र रचने और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी चालक को हिरासत में लेकर डाला बरामद कर लिया गया है। घटना के बाद तनाव की स्थिति को देखते हुए मलिहाबाद, रहीमाबाद और माल थानों की पुलिस फोर्स गांव में तैनात की गई है।

शव रखकर जाम की सड़क, एसडीएम के आश्वासन पर माने

पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को श्यामलाल का परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजनों ने गांव के पास नबीपनाह-अंधे की चौकी सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, बुलडोजर कार्रवाई, चार बीघा जमीन आवंटन, आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, घायलों का मुफ्त इलाज सहित सात सूत्री मांगें रखीं। प्रदर्शन की खबर पाकर पूर्व सांसद कौशल किशोर भी मौके पर पहुंचे और मदद का आश्वासन दिया। इसके बावजूद नाराज परिजन शांत नहीं हुए और प्रदर्शन जारी रखा। मौके पर पहुंचीं एसडीएम मलिहाबाद अपराजिता आर्यन ने हर संभव मदद का परिवार को आश्वासन देकर लगभग पांच घंटे बाद धरना समाप्त कराकर आवागमन चालू कराया।

श्यामलाल की फोटो।

श्यामलाल की फोटो।

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