Muzaffarnagar  में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता नजर आ रहा है। सहारनपुर परिक्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” के तहत खतौली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो कथित मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 22.9 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 11 लाख 50 हजार रुपये है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक KTM मोटरसाइकिल भी पुलिस ने बरामद की है।

कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज, यानी नशे के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन का पता लगाने में जुटी है।

‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत खतौली में पुलिस की कार्रवाई

सहारनपुर परिक्षेत्र में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे Operation Savera Muzaffarnagar अभियान के तहत पुलिस को लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में खतौली पुलिस टीम ने नहर पटरी रोड पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ।

बरामदगी की मात्रा करीब 22.9 किलोग्राम बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

22.9 किलो गांजा और KTM बाइक बरामद

खतौली पुलिस की इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी 22.9 किलोग्राम अवैध गांजा की हुई है। पुलिस ने इसकी अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 11.50 लाख रुपये बताई है।

पुलिस ने तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही एक KTM मोटरसाइकिल भी अपने कब्जे में ली है। जांच का एक अहम हिस्सा अब यह पता लगाना है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

यही वजह है कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके संपर्कों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

मेरठ के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि, उम्र करीब 20 वर्ष, पुत्र शिवकुमार, निवासी रोहटा रोड, थाना कंकरखेड़ा, मेरठ तथा शंकर, उम्र करीब 19 वर्ष, पुत्र पेरीसोमी, निवासी रोहटा रोड, थाना कंकरखेड़ा, मेरठ के रूप में हुई है।

दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनका मादक पदार्थों की तस्करी से किस स्तर तक जुड़ाव था और उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

नशे के नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

इस मामले में पुलिस की जांच का सबसे अहम पहलू आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की पड़ताल है। इसका मतलब है कि पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों को मादक पदार्थ की सप्लाई कौन करता था और वे इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाने वाले थे।

नशे के अवैध कारोबार में अक्सर सप्लाई की कई कड़ियां होती हैं। ऐसे में केवल छोटे स्तर के तस्करों की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क का पता नहीं चलता। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके संपर्कों और संभावित सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही है।

यदि पूछताछ में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस की जांच आगे उन तक भी पहुंच सकती है।

संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में कार्रवाई

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में की गई। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन और क्षेत्राधिकारी खतौली के निकट पर्यवेक्षण में अभियान को आगे बढ़ाया गया, जबकि खतौली के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चेकिंग और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

पुलिस अधिकारियों की ओर से मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए लगातार कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। खतौली में हुई यह बरामदगी इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में सामने आई है।

NDPS एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा

दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना खतौली में मु०अ०सं० 325/26 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला धारा 8/20/29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है।

मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बरामद मादक पदार्थ और मोटरसाइकिल को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि गांजे की यह खेप किस स्रोत से आई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

नहर पटरी रोड पर चेकिंग से खुला मामला

पुलिस की यह कार्रवाई यह भी बताती है कि चेकिंग अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर निगरानी किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नहर पटरी रोड पर चेकिंग के दौरान हुई गिरफ्तारी के बाद भारी मात्रा में मादक पदार्थ सामने आया।

KTM मोटरसाइकिल की बरामदगी भी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पुलिस के अनुसार इसका इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जा रहा था।

अब पुलिस यह भी जांच करेगी कि वाहन का इस्तेमाल पहले भी ऐसी गतिविधियों में किया गया था या नहीं और इसके जरिए मादक पदार्थों की कितनी खेप इधर-उधर पहुंचाई गई।

इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी

मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ की गई इस कार्रवाई में खतौली पुलिस की टीम के कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।

पकड़ने वाली टीम में उपनिरीक्षक तेजवीर सिंह, उपनिरीक्षक रजत सिंह, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार, कांस्टेबल अमित कुमार, हेमंत, जतिन कुमार और जसपाल सिंह शामिल रहे।

टीम ने चेकिंग के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा और उनके कब्जे से गांजा तथा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही KTM मोटरसाइकिल बरामद की।

नशे के खिलाफ कार्रवाई का बड़ा संदेश

मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर युवाओं और समाज पर भी पड़ता है। इसी वजह से “ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” जैसे अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार की पूरी सप्लाई चेन पर प्रहार करना भी है।

खतौली में हुई कार्रवाई में करीब 11.50 लाख रुपये कीमत का गांजा बरामद होने के बाद अब असली चुनौती उस नेटवर्क तक पहुंचने की है, जहां से यह खेप आई और जहां इसे पहुंचाया जाना था।

पुलिस की ओर से आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम सामने आते हैं तो इस कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।

फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

खतौली में Operation Savera के तहत हुई इस कार्रवाई में 22.9 किलो अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही KTM मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस ने मेरठ निवासी दो युवकों को गिरफ्तार कर NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब जांच की सबसे अहम कड़ी आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज तक पहुंचना है, ताकि नशे की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

 



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