आगरा। रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का टुकड़ा रखकर ट्रेन की सुरक्षा को खतरे में डालने के मामले में थाना सादाबाद क्षेत्र के बरामई निवासी सुरक्षा गार्ड प्रशांत चौधरी ने अदालत में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। एडीजे-1 शिव कुमार ने मामले की गंभीरता और विवेचना में उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए निरस्त करने के आदेश दिए।
जीआरपी आगरा फोर्ट थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 16 सितंबर की रात अजमेर-आगरा फोर्ट इंटरसिटी के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को आगरा किला और ईदगाह स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का टुकड़ा मिला। उन्होंने उसे हटाकर ट्रेन को आगे रवाना किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया। 19 अक्तूबर को अदालत में पेश कर जेल भेजा गया।
बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए कहा कि प्राथमिकी अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुई थी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य में न तो आरोपी की स्पष्ट तस्वीर है और न पहचान। आरोपी का कहना था कि उसे कंपनी के दबाव में झूठा फंसाया गया है। वहीं, अदालत ने केस डायरी में दर्ज तथ्यों का उल्लेख करते हुए पाया कि घटना के समय आरोपी की ड्यूटी घटनास्थल के पास थी और उसके मोबाइल की लोकेशन भी उसी क्षेत्र में मिली। जांच में यह भी सामने आया कि ड्यूटी पर देर से आने पर उसका दूसरे गार्ड से विवाद हुआ था।

