परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां, छोटी बेटी पिता के साथ सीख रही थी वकालत
संवाद न्यूज एजेंसी
कालपी। तहसील अधिवक्ता संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की कोतवाली से महज सौ मीटर दूर हाईवे स्थित दुर्गा मंदिर चौराहे से अपहरण के बाद हत्या किए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटे के सामने कार सवार लोग उन्हें अपने साथ ले गए और कानपुर में उनका शव मिला। घटना से अधिवक्ताओं और आम लोगों में आक्रोश में हैं। वहीं, पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों भी बेहाल हैं।
गयादीन अहिरवार के परिवार में पत्नी राजेश्वरी देवी, दो बेटे सौरभ और हर्ष तथा दो बेटियां संघमित्रा और मणिमित्रा हैं। संघमित्रा की शादी हो चुकी है, जबकि मणिमित्रा पिता के साथ रहकर वकालत सीख रही थीं। वह उनकी जूनियर के रूप में काम करती थीं और न्यायालय के कामकाज में हाथ बंटाती थीं। पिता की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
फरियादी बनकर आया था एक व्यक्ति
अधिवक्ताओं के बीच चर्चा है कि शुक्रवार सुबह करीब 12 बजे एक व्यक्ति फरियादी बनकर गयादीन अहिरवार के पास आया था। उसने मुकदमे की पैरवी के लिए फीस के तौर पर एक हजार रुपये भी दिए थे। कुछ अधिवक्ताओं ने आशंका जताई कि संभव है कि वह व्यक्ति किसी साजिश का हिस्सा रहा हो। हालांकि इस संबंध में अभी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस को इस पहलू की भी जांच करनी चाहिए कि वह व्यक्ति कौन था और किस मामले को लेकर अधिवक्ता के पास आया था।

