जवाहर पुल के निर्माण के दौरान 58 साल पहले ध्वस्त किए गए गेटवे ऑफ रामबाग के अवशेषों का अब संरक्षण किया जाएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इस परियोजना पर करीब 60 लाख रुपये खर्च करेगा।

गेटवे ऑफ रामबाग
– फोटो : अमर उजाला
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गेटवे ऑफ रामबाग
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58 साल पहले यमुना नदी पर बनाए गए जवाहर पुल के निर्माण के लिए जोहरा बाग और रामबाग के बीच में बने गेटवे ऑफ रामबाग के बड़े हिस्से तथा जोहरा बाग की दीवार को ढहा दिया गया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जवाहर पुल के नीचे मौजूद गेटवे ऑफ रामबाग के अवशेष सहेजेगा। इस पर 60 लाख रुपये खर्च होंगे। पहली बार इसका संरक्षण किया जाएगा।