
वेद पाठ करने वालों की एकाग्रता-याददाश्त तेज
– फोटो : अमर उजाला
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वेद पाठ करने वालों की एकाग्रता-याददाश्त तेज
– फोटो : अमर उजाला
नियमित तौर पर वेदपाठ करने वालों की याददाश्त तेज होती है। उनमें एकाग्रता अधिक होती है। उनके मस्तिष्क का सुनने, बोलने और ध्यान लगाने वाला हिस्सा सामान्य लोगों से अधिक सक्रिय रहता है। यह खुलासा हुआ है संजय गांधी पीजीआई परिसर स्थित सेंटर ऑफ बायो मेडिकल रिसर्च (सीबीएमआर) के वैज्ञानिकों के अध्ययन में।
अध्ययन में 21 से 28 वर्ष आयु के 60 युवाओं को शामिल किया गया। इनमें 30 लंबे समय से वेदों का अध्ययन करने वाले थे। ये लोग बचपन से हर दिन करीब छह से आठ घंटे वेद मंत्रों का उच्चारण, उन्हें दूसरे से सुनने और सही उच्चारण के साथ दोहराने का अभ्यास करते थे। जबकि 30 सामान्य लोग थे। उनकी स्मृति की जांच मेमोरी स्केल से की गई। सभी की रेस्टिंग-स्टेट फंक्शनल एमआरआई की गई। वैज्ञानिकों ने उनके मस्तिष्क के अलग-अलग हिस्से की सक्रियता जांचा।